नया सवेरा

एक दिन होगा ‘नया सवेरा’
जिस दिन होगा खुद से तेरा मिलना

चलना है तुजे चलना है
ज़िन्दगी की राहों पे चलते रहना है

परिश्रम है तेरा मंत्र
हार के कहीं न तुजे रुकना है

कमज़ोर नहीं है तु औरो से
मुज पे भरोसा तुजे रखना है

एक दिन होगा ‘नया सवेरा’
जिस दिन होगा खुद से तेरा मिलना

सब को मैं दिखलाना चाहूँ
तु है इस दुनिया का अजूबा

मेहनत से पा सकता तु सिद्धि
तु भी कर सकता है करिश्मा

ना है तु किसी औरो से कम
तुज में भी है मेरी ‘दिव्यता’

नामुमकिन अब कुछ भी नहीं
बन सकता है तु भी सितारा

एक दिन होगा ‘नया सवेरा’
जिस दिन होगा खुद से तेरा मिलना

-©KARTA™ (Poem Written For L&T CSR Activity “NAYA SAVERA”)

 

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